एक समय कि बात जब अखंड भारत हुआ कर था सभी प्रकार से सम्पन्न हुआ करता था अनेक प्रकार के खनिज संपदा से भरा पड़ा था भारत में हर तरफ हरियाली था यहाँ पेड-पौधे मन मोहक लगते था चुकि उ...
मया तु सुन ले पुकार,,,,,,,,,,,, मया तु सुन ले विनती हमार मे-रे ही मन मे मे-रे ही तन मे मे-रे ही तन मे मे-रे ही मन मे उमडे़ पाप की लहर,,,,,, माँ सपनों मे बरसे मोतियों के हार सुना ले तु मेरी पुकार,,,, ,, ,...
ओ माँ,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,, 3 मेरा क्या कसूर है,,, मेरा क्या गुनाह कौन सा कर्मों का दिया माँ सजा मैंने क्या किया है जो मेरा चेन छी, ना जो मेरा चेन छीना ओ माँ,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,, 3 खाने के लिए हमको गम मिला है इस वचन...