मया तु सुन ले

मया तु सुन ले पुकार,,,,,,,,,,,,
मया तु सुन ले विनती हमार
मे-रे ही मन मे  मे-रे ही तन मे
मे-रे ही तन मे मे-रे ही मन मे
उमडे़ पाप की लहर,,,,,,  माँ
सपनों मे बरसे मोतियों के हार
सुना ले तु मेरी पुकार,,,, ,, ,
मया तु सुन ले विनती हमार
कभी बन जाऊ मै राजा                                               
कभी बन जाऊ भीखारी
इसी के उलझे मे दिनभर रहूँ निराशा
कभी तो मन को मिलता नहीं संकेत माँ
कि सुन ले मेरा पुकार
मया तु सुन ले पुकार,,,,,,,,,,
मया तु सुन ले विनती हमार
रात कटे नहीं दिन गुजरे नहीं 2
जहाँ रहूँ जहाँ जाउँ सोचूं बेकार बाते
मन मे रहे अंहकारी सवार
कि सुन ले मेरा पुकार,,,,,,,,,,,,,,
मया तु सुन ले मेरा पुकार,,,,,,
मया तु सुन ले विनती हमार
                                            महाबीर

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