लाले चुनरिया

हो,,,, हो,,,,,, ला,,,,,, ला,,,,,,,,,
लाले चुनरिया लाले ऐ बिंदिया चमके माँ
लाखों हजारों खड़े द्वारे आपना शिश झुकाऐ माँ
अपना शिशु झुकाऐ माँ
हो,,,,,,, माँ,,हो,,,,,,,,,माँ
लोग आते रोते रोते हंसते-हंसते जाते माँ
हंसते- हंसते जाते माँ
कौन भीखारी कौन है राजा सभी तु ही तो पहचाने माँ
सभी तु ही पहचाने माँ
हो,,,,,,, माँ,,,  हो,,,,,,,,  माँ
तेरी माया सुन के हम अपना कदम बढाया माँ
तेरे द्वारे खड़ा हो के अपना शिश झूकाऊ माँ
अपना शिश झुकाऊँ माँ
हो,,,,,, माँ,,  हो,,,,,,,    माँ
दूनिया माँगे धन और दोलत मै तो माँगूँ प्यार माँ
यही प्यार से करू मै दुनिया में इजहार माँ
दुनिया में इजहार माँ
हो,,,,, ,,,,,  माँ,,,, हो,,,,,,,, माँ
लाले------------------------------अपना शिश झुकाऊँ
हम तो एक बालक हूँ तुम तो एक माँ
हमको क्या चाहत सब तू ही तो जाने माँ
सब तू ही तो जाने माँ
हो,,,,,,,,,,,,,, 3
धन और दोलत आता जाता कोई पास ना रहता माँ
दुख और सुख आता-जाता इसका कोई ना ठिकाना माँ
इसका कोई ना ठिकाना माँ
हो,,,,,,,,,,,,,,,,,
सुन है कि विद्या  और हुनर कोई ना चराता माँ
प्रेम और मुस्कान से दुनिया जीता जाता माँ
दुनिया जीता जाता माँ
हो,,,,,, ,,,,,,,
विधा दे माँ प्रेम दे माँ
हुनर दे माँ मुस्कान दे माँ
                                                 महाबीर

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