ओ माँ,,,,

ओ मा,,,,,,, 3
मेरा क्या कसूर है,, मेरा क्या गुनाह
कौन सा कर्मो का दिया माँ सजा
मैंने क्या किया है जो मेरा चेन छीना
जो मेरा चेन छीना
ओ माँ,,,,,,,,,, 3
खाने के लिए हमको गम मिला है
इस वचन के लिए हमको यह सजा मिला है
पीने  के लिए माँ जहर दे तू
जहर दे तू
ओ माँ,,,,,,,, 3
यही मेरा काम है यही मेरा इनाम
यही मेरा प्यार है यही मेरा सजा
यही मेरा सुख यही मेरा दुख
ओ,,,,,,,,,,,,, माँ 2
बाग-बगीचे में फूल खिले
मन मे मेरा सकून मिले
लेकिन जब उजड़े जंगल-झाड
गीत ना गाऐ पंक्षी बहार
तब ना लगे मेरा दिल संसार में
ओ माँ,,,,,,,,,,,,,,,,, 3
                                          महाबीर

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